नटी
नटी
रस्सी पर डोलती
कभी इस तरफ़
कभी उस तरफ़
तोलती
गिरी अब गिरी
ठीक समय पर संभली
नही बोलती.........
जेबो को टटोलती
आँखों से माँगती
गिरी अब गिरी
अब वह सोचती......
नटी
रस्सी पर
डोलती!
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