मंगलवार, 18 दिसंबर 2012

chhatisgarh yatra


                  खोपा गांव घूमते-घूमते शाम हो गयी वापसी के वक़्त रास्ते में एक जंगल का फोटो 
आदिवासी का घर जिसका मालिक कही काम से गया है इसीलिए घर बंद है।आप गौर से देखे दरवाजे पर कोई  ताल नहीं लगा है। क्या गरीबी और इमानदारी के बीच कोई सम्वन्ध है ?
 घरो के चारो ऒर मिट्टी की दीवार बना दी जाती है चूकी यहाँ की मिट्टी दोमट लाल होती है जिसके कारण बरसात में यह आसानी से बहती या इसका कटाव नहीं होंता वर्षो तक ज्यों का त्यॊ पड़ा रहता है।
                             डूबता हुआ सूरज जिसकी छटा देखते ही बनती थी।

                       मै और मेरे जीजाजी जिनकी पुत्री के विवाह में शामिल होने के लिए आए थे।

                                                         रिश्तेदार साथ में मेरा परिवार
                                                शाम को पिकनिक मनाते परिवार के सभी लोग
                                            मेरे मित्र सुरेश जी और आदरणीय जीजाजी
                                         रूबी मेरी भांजी जिसके विवाह में हम सब शामिल थे.
                                          एक साथ पिकनिक मनाते साथ में सभी लोग खाना खाते हुए.

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